सरपरस्ती
सरपरस्ती की ज़रूरत बढ़ती है उम्र के साथ,
सिर पर पड़ती धूप से बचा ले कोई बुज़ुर्ग हाथ।
वो आँखें जो मेरी राह की निगहबान हों,
जिन्हें राह की मुश्किलों का भान हो।।
बालों की चाँदी जो दे दे आँखों में चमक,
हर जलन सीने की कर दें जो बरफ़।
काँपते हाथ जो फेरे जाएँ सिर पे,
तानी नसों को खोल दें फिर से।।
बैठ कर पास जिनके समय थम जाए,
बातों से जिनकी दिल में मिठास घुल जाए।
इतना आराम बस एक ही जगह मिलता है,
माँ-पिताजी के साये में वाक़ई कितना सुकून मिलता है।।
-पायल
फ़रवरी २८,२०१९
Beautiful words....full of emotions n very true🖒🖒👌👌👌👌well done
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