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Showing posts from October, 2017

Pearls from Kabeerdas ji

Nindak door na keejiye , keeje aadar maan, Nirmal tan man sab karae, bakae aan hi aan. Nindak ekahu mat milau, papi milou hazaar, Ik nindak ke sees par, koti paap ko bhaar. Maans ahaari maanva, partachh raachhas ang, Ta ki sangat mat karo, parat bhajan mein bhang. Oonche pani na tikey,neeche hi thahray, Neecha hoy so bhar piye, ooncha pyasa hi jaye.

प्रेम सरन नगर की याद

मन मे बसाए हुए प्रेम सरन नगर की याद हम देखते हैं दिल मे जिसे बंद कर के आँख। वो उजली उजली धूप और सुहाना सा मंज़र वो दिल कश सत्संग घर वहाँ का अज़ीम पाक़।। वो उनकी मीठी करामतें , पास होने का अहसास कैसे रोके खुद को उन्हें करने से हम याद।। वो शाम की अजब शोखियाँ, रोका करें थीं इस तरह वो बात है कुछ और ही, कुछ खास है अंदाज़।। जाने वहाँ की वादियों में खींचता है कौन? जाने वो कैसी मधुर आती है आवाज़? नवाज़िशों से  तर किया ऐसे किए करम नज़रों से यूं भिगो गए प्यारे ग़रीब नवाज़।। साहब के नूर से सदा रौशन रहे नगर दया मेहर के सदा यूँ ही बने रहें रिवाज।। - पायल